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धर्मेंद्र प्रधान को यूं ही नहीं सौंपी गई UP की चुनावी कमान, OBC वोटरों को र‍िझाने की कोश‍िश

लखनऊ अगले साल होने वाले यूपी व‍िधानसभा चुनाव 2022 () को लेकर बीजेपी ने बड़ा कदम उठाया है। बीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अगले कुछ महीनों में होने वाले यूपी व‍िधानसभा चुनाव के ल‍िए पार्टी प्रभारी नियुक्त किया। दरअसल धर्मेंद्र प्रधान नरेंद्र मोदी कैबिनेट में प्रमुख ओबीसी चेहरा है। ऐसे में बीजपी ने प्रधान के नाम का ऐलान कर यूपी में वोटरों के बड़े वर्ग को साधने की कोश‍िश की है। बीजेपी सूत्रों की माने तो प्रधान रणनीतिक रूप से केंद्र सरकार और यूपी बीजेपी संगठन के बीच एक कड़ी के रूप में काम करेंगे। यूपी में अगले साल होने वाले व‍िधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के सभी राजनैत‍िक दल ओबीसी वोटरों को र‍िझाने में लगे हैं। ऐसे में बीजेपी भी ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने के ल‍िए लगातार कोश‍िशें कर रही है। दरअसल राज्य में वोटरों की कुल आबादी का 42% से अधिक का ह‍िस्‍सा ओबीसी का है। इस कारण धर्मेंद्र प्रधान के नाम का ऐलान इसे एक भगवा संगठन के उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय राजनीतिक संगठनों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है। क्‍योंक‍ि समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) आक्रामक रूप से ब्राह्मणों को लुभाने की कोश‍िशों में जुटीं हैं, जो क‍ि 90 के दशक की शुरुआत में अयोध्या मंदिर आंदोलन के बाद से बीजेपी के पक्ष में मतदान कर रहे हैं। मोदी की नई कैब‍िनेट से हुई बदलाव की शुरुआत इससे पहले बीजेपी ने तीन ओबीसी नेताओं- बीएल वर्मा (लोध), पंकज चौधरी (कुर्मी) और अनुप्रिया पटेल (कुर्मी) को जुलाई में बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में शामिल किया था, जिससे यूपी के ओबीसी को व‍िशेष संदेश देने की भी कोश‍िश की गई थी। ओडिशा के अंगुल जिले के मूल निवासी धर्मेंद्र प्रधान राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। इससे पहले वह केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री थे और उन्हें केंद्र की प्रमुख उज्ज्वला योजना को सफलतापूर्वक लागू करने का श्रेय दिया जाता है। इस योजना के जर‍िए ग्रामीण परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन की कल्‍पना को अमलीजामा पहनाया गया था। इस योजना ने ही 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सबसे अहम राज्य यूपी में 6 संगठन प्रभारी उत्तर प्रदेश में धर्मेंद्र प्रधान के साथ केंद्रीय मंत्रियों अनुराग सिंह ठाकुर, अर्जुन राम मेघवाल, शोभा करंदलाजे, अन्नपूर्णा देवी के अलावा पार्टी महासचिव सरोज पांडे, हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर को सह प्रभारी बनाया गया है। पार्टी ने चुनावी रूप से सबसे अहम इस राज्य में क्षेत्रवार छह संगठन प्रभारियों की भी नियुक्ति की है। लोकसभा के सदस्य संजय भाटिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार के विधायक संजीव चौरसिया को बृज क्षेत्र, बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव सत्या कुमार को अवध क्षेत्र, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष सुधीर गुप्ता को कानपुर क्षेत्र, राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी सुनील ओझा को काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यूपी की नई टीम से जात‍ि संतुलन साधने की कोश‍िश बीजेपी ने यूपी में चुनावी टीम का गठन करते हुए जाति संतुलन बनाने की कोशिश की है। अनुराग ठाकुर जहां क्षत्रिय समुदाय से हैं, वहीं अर्जुन राम मेघवाल दलित हैं और आईएएस से इस्तीफा देने के बाद 2009 से बीकानेर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरोज पांडे छत्तीसगढ़ की एक ब्राह्मण हैं और वर्तमान में बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। यूपी के हर वर्ग को साधने का प्रयास शोभा करंदलाजे को कर्नाटक में वोक्कालिगा, एक अगड़ी जाति का एक प्रमुख चेहरा माना जाता है और लोकसभा में उडुपी चिकमगलूर का प्रतिनिधित्व करती हैं। हरियाणा सरकार में पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु जाट हैं, जबकि अन्नपूर्णा देवी ओबीसी (यादव) हैं और झारखंड में कोडरमा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली लोकसभा सांसद हैं। बिहार से बीजेपी के राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर भूमिहार हैं। जानकारों की माने तो यूपी के अलावा अन्य राज्यों से आने वाले टीम के सदस्य अपेक्षाकृत युवा नेता हैं। ये सभी सदस्य 51 से 57 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा क‍ि पार्टी मुख्य रूप से युवा नेतृत्व को सबसे आगे लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि अनुभवी नेताओं की ओर से उनको समर्थित किया जा रहा है।
Source navbharattimes

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